आज के एपिसोड में अश्वमेध का अश्व अपनी लंबी यात्रा पूरी करके हस्तिनापुर लौटता है और युधिष्ठिर का भव्य यज्ञ संपन्न होता है। लेकिन यज्ञ के अंत में एक रहस्यमयी आधा सुनहरा नेवला पूरी सभा के सामने ऐसा प्रश्न खड़ा करता है, जो यज्ञ की भव्यता से कहीं बड़ा है। उसकी कहानी के माध्यम से महाभारत बताती है कि सच्चे दान का मूल्य इस बात से नहीं होता कि आपने कितना दिया, बल्कि इस बात से होता है कि उसके लिए आपने कितना त्याग किया।