आज के एपिसोड में हम सुनेंगे अश्वमेध के अश्व के साथ अर्जुन की आर्यावर्त यात्रा, जहाँ उनका उद्देश्य युद्ध नहीं, बल्कि शांति और एकता स्थापित करना था। इस यात्रा में अर्जुन का सामना त्रिगर्त और प्राग्ज्योतिष जैसे पुराने शत्रुओं से होता है, जहाँ कुरुक्षेत्र की पुरानी यादें फिर जीवित हो उठती हैं। इसके बाद सिंधु में जयद्रथ की स्मृतियों के बीच दुःशला अर्जुन के सामने आती हैं और कहानी एक बेहद भावुक मोड़ लेती है।